जालंधर (जसपाल कैंथ): जालंधर डेवलपमेंट अथॉरिटी (पुड्डा) के अधिकार क्षेत्र में आने वाले गांव लिधड़ां में कृषि भूमि पर कथित तौर पर अवैध कॉलोनी काटे जाने का मामला सामने आया है। इस संबंध में एक आरटीआई एक्टिविस्ट द्वारा पुड्डा अधिकारियों को लिखित शिकायत देकर मामले की उच्चस्तरीय जांच करवाने तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई है।
बिना मंजूरी प्लॉटों की खरीद-फरोख्त का आरोप
प्राप्त जानकारी के अनुसार, गांव लिधड़ां में एक व्यक्ति द्वारा कथित तौर पर बिना आवश्यक प्रशासनिक मंजूरी के कृषि भूमि पर कॉलोनी विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है। दावा किया जा रहा है कि यहां कई प्लॉट बेचे जा चुके हैं, जबकि शेष प्लॉटों की बिक्री की तैयारियां चल रही हैं। मौके पर मिट्टी की सड़कें बनाकर प्लॉटों की निशानदेही किए जाने की भी बात सामने आई है।
खरीदारों से धोखाधड़ी की आशंका
शिकायतकर्ता का आरोप है कि कॉलोनी से जुड़े लोगों द्वारा भोले-भाले खरीदारों को कॉलोनी के मंजूरशुदा होने तथा प्लॉटों की रजिस्ट्री में किसी प्रकार की परेशानी न आने का भरोसा दिलाया जा रहा है। इसके अलावा, प्लॉट खरीदने के लिए बैंक लोन करवाने में मदद करने का आश्वासन भी दिए जाने का आरोप है।
शिकायतकर्ता ने आशंका जताई है कि यदि संबंधित कॉलोनी को आवश्यक सरकारी मंजूरी प्राप्त नहीं है और इसके बावजूद प्लॉटों की खरीद-फरोख्त की जा रही है, तो भविष्य में खरीदारों को आर्थिक एवं कानूनी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
सख्त कार्रवाई की मांग
आरटीआई एक्टिविस्ट ने पुड्डा प्रशासन से मांग की है कि:
जमीन के उपयोग और कॉलोनी की मंजूरी से संबंधित रिकॉर्ड की तत्काल जांच की जाए।
यह पता लगाया जाए कि संबंधित कॉलोनी के लिए पुड्डा अथवा अन्य सक्षम विभाग से आवश्यक मंजूरी ली गई है या नहीं।
यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ नियमों के अनुसार कानूनी कार्रवाई की जाए।
कथित अवैध कॉलोनी/निर्माण को हटाने की कार्रवाई की जाए।
जांच पूरी होने तक प्लॉटों की खरीद-फरोख्त पर रोक लगाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं।





